रखना सुहागन मोहे

🌹👣🌹 रखना सुहागन मेरे बाँके बिहारी । चरणों में तेरे ये है अरजी हमारी ।। बिंदिया सिंदूर मेरा चमके हमेशा । हाथों का कंगना चूड़ी खनके हमेशा । रहमत हमेशा हम पर रखना तुम्हारी । रखना सुहागन मेरे बाँके बिहारी ।। मेरा सुहाग हीं तो ताज़ है मेरा । इनसे हीं घर में कान्हा राज […]

इंसानियत बचाने को

चिंताओं से चिता तक सफर करते इंसान को, समझ महज इस बात की अहम से नीचे पहुंचा सकूं हर इंसान को।। किस वक्त क्या होगा उसे समझ नहीं, समझदारी दिखे बस मेरी हर इंसान को, कभी मयखाने में पैमाने छलक आए थे, दोस्तों के संग बातें करते हर दिखती लड़की को पटाने को। इस यौवन […]

परमात्मा के परमानन्द में

अनदेखी अनजानी सी परेशानियों के सैलाब में, पाक मोहब्बत सी मुस्कुराहट भरे लबों में, पिघलती मोम की लौ के आंचल में, तुम्हारी मोहब्बत भरी बाहों के आगोश में, सफलताओं की पतंग सी चढ़ी आसमान में, डूबी हुई आंखों की मस्तियों की चमक में, जैसे आत्मा डूबी सी परमात्मा के परमानन्द में।

शादियों के नूर देखें

शादियों के नूर देखें दुल्हन के सृंगार देखें, दूल्हे के सिर पर है सेहरा बाप का तमतमाया है चेहरा, कोई कसर नहीं आती नजर खुशियों को लगती कहीं से नजर, पड़ते फिर भी फेरे सुन्दर कसमें खाते दोनों निरन्तर, रीत चलते रिवाज हैं चलते रिश्तेदार खाना देख मचलते, दुल्हन के पिता का दिल निकलता, सोचते-सोचते […]

मुस्कुराते मुस्कुराते

मुस्कुराते मुस्कुराते तुम हमसफ़र बन गए, हम खुद से बेखबर तुम्हारे हम्नजर बन गए, इबादत करें खुदा की या तुमसे नज़रें दो चार करें, कायनात सी खूबसूरत तूम्हारी आंखों के नूर बन गए, ढूंढते जमाने भर में फिर तुम्हारी बाहों में मजबूर हो गए।

चाय वाला

गुज़ारिशों के पंखों पर अहमियत के कंधों पर, बंधे बंधन में ऐसे शुतुरमुर्ग के अंडे हो जैसे, ना खाए बनता है ना उठाए बनता है, जो मजलूम हुआ करते थे कभी पांव में छाले गिना करते थे कभी, आज हुकूमत किया करते हैं दूसरों की ख्वाहिशों को परख कर खुदी बुलन्द किया करते हैैं, ये […]

आंखें चमकती हुई

आंखें तेरी चमकती हुई फलक पर चांदनी सी, दमकती हुई लहरें समुद्र में हिलोरों सी, चेहरे पर नूर ऐसा सूरज की किरणों में रेत जैसे चमकती हुई।। ####### बांहें फैलाए खड़ी हो ऐसे, कुदरत की गोद में इंद्रधनुष जैसे, इन फूलों की खूबसूरती तो देखो, तेरे चेहरे पर चमकती चांदनी जैसे। ####### मोहब्बत में तेरी […]