वक्त गुजरता है देर नहीं लगती

बदल जाता है समा, और वक्त गुजरने में देर नहीं लगती कभी मुस्कराये थे तुम किसी पर,  जहाँ तुम पर हंसे, इसमे देर नहीं लगती।  …. यहाँ नूर बरसते हैं उसके बन्दों […]

कौन

मैं रूठा ,       तुम भी रूठ गए                      फिर मनाएगा कौन ? आज दरार है ,         […]

ख्वाब 

अश्कों के बहने से जो सैलाब आया था उनमें हमने उस खुदा को पाया था।  ____ रहनुमा बन्ने वाले बहुत मिले हमे गुमराह करना उनकी फितरत पाया था।  ___ जूझते सब्र रखे […]

 तू रख चित्त शांत और हावभाव में प्यार

चक्रवात सा आया है सब धुमिल सा हुआ है ठूंठता किसे नजर नहीं कुछ आता   हाथ प्रभू का बस पकडे़ है।  —- सन्दर्भों में बीते हैं साल पीड़ा में है तुम्हारा लाल […]

पिता श्री – आपका आगमन 

अंग्रेजों के बनाये कुछ त्योहार भी अच्छे होते हैं रिश्तों में पिरोए हुए त्योहार अच्छे होते हैं  आज father’s day पर आपका आगमन मेरे यहाँ  ऎसे आशिर्वाद के सूचक भी बहुत अच्छे […]

चुन चुन कर

सुन्दर पंकतियों मे पिरोए अहसास लाया हूँ इस जिंदगी मे सुलझे अनुभव लाया हूँ कुछ खट्टी कुछ मीठी सी होती है जिदंगी यूं तो चुन चुन कर तेरे लिए ये अल्फाज़ लाया […]

रुखसत 

जानेवाले इस कदर  खुदगर्ज हैं होते,  अपनी बातों से  दिल में बीज हैं बोते।  कुछ खास तो  बयां नहीं करना मुझको पर जिन्हे छोड़ हम रुखसत हो रहे,  कुछ उदास और कुछ […]