Month: January 2016

उनकी इसी अदा पे ये ज़िंदगी बितायी जाए

ना भागा जाए ना छोड़ा जाए, ये ज़िंदगी की  कश्मकश है दोस्तों, यूँही बितायी जाए  बस यूँही बितायी जाए । कुछ पल मिल जाते हैं  मुस्कुराने को, ये तनहाइयाँ यूँही भुलाई जाएँ, […]

महफ़िल-ए-जाँबाज़ को देख मुस्कुरा कर चल दिए

Dedicated  to all soldiers महफ़िल-ए-जाँबाज़ को देख मुस्कुरा कर चल दिए, वो बैठे थे नूर-ए-जंग की कामयाबी की मिसाल दिए। उस जाँबाज़ के अपनो के आँसुओं को देख रो पड़े छाती उनकी […]

यायावर यात्री हैं हम तो, अहर्निश चहुं ओर घूमते

यायावर यात्री हैं हम तो, अहर्निश चहुं ओर घूमते| रस्ते टेढ़े- मेढ़े पर चल,मग में हम भी कभी न रुकते| लाभ-हानि के जन्म-मरण के, चक्रो से कैसे छुटकारा| वादेकर रखे हैं हमने, […]

जब उस बार बुलाया था तुमने

पिछली बार भेजा था शेर  बुलाने सपने में मैं भागा चला आया था, चढ़ा था पहाड़ तुम्हारा  तब पहुँचा जहाँ  आसन तुम्हारा था , वहीं अद्भुत रूप तुम्हारा  पिंडी रूप में विराजी हो  वहीं […]

पितृ छाया

जिसका ध्यान धर दुःख क्षीण हो जाते, स्मरण मात्र से  सुख उपलब्ध हो जाते, सम्मुख होने पर जिसके हो अस्तित्व पर नाज़। वो जिसने  चलना सिखाया, वो जिसने  पढ़ाया लिखाया, वो जो थामे […]

नमन कर मैं चलूँ आगे लेने ब्रह्मज्ञान

एक आँधी सी आयी रहती जीवन में, इनसे बचने को तत्पर है  रहता इंसान, बाल्यकाल में कहते पिता पढ़ लिख ले  अन्यथा उड़ जाएगा  सूखे पत्ते समान, नासमझी में चले थे लड़ने  हो पढ़े-लिखे […]

ग़म-ए-उल्फ़त से बेज़ार आगे चल दिए

उल्फ़तों में दोस्त यूँही  बदनाम हुए हैं, अह्द-ए-उल्फ़त तो  चंद लमहों में सिमटा है, रह-ए-उल्फ़त पे चलने  की गुज़ारिश की थी लगा कर लगाम  हमारे लबों पर  मुस्कुरा कर चल दिए। खोल […]