‘मौहब्बत"’ By N. S. Chauhan

राह पर आना था तुमको,पत्थर मैं चुन रहा था ।आवाज थी तुम्हारी,संगीत मैं सुन रहा था ।शब्द थे तुम्हारे,गीत मैं लिख रहा था।हुस्न था तुम्हारा,होश मैं खो रहा था  ।खुशबु ए बदन थी तुम्हारी,महक मैं  रहा था  ।लब चुप थे तुम्हारे,धड़कन मैं सुन रहा था।अदा थी तुम्हारी,फिदा मैं हो रहा था।मुस्करा रही थी तुम,फूल मैं … Continue reading ‘मौहब्बत"’ By N. S. Chauhan

Yogeshwar Dutt on JNU Row

JNU row: If Afzal Guru a martyr, who was Lance Naik Hanumanthappa? Asks Yogeshwar Dutt in heart-touching poemYogeshwar Dutt  in his words :-किन लोगों के लिए सेना के जवान जान की बाज़ी लगा रहे हैं और किन लोगों के गर्व के लिए खिलाड़ी दिन रात पसीना बहा रहे हैंग़ज़नी का है तुम मे खून भराजो … Continue reading Yogeshwar Dutt on JNU Row

तूफ़ान आया है

तेज़ हवाएँ  चल रहीं कमज़ोर पत्तियाँ शाख़ से टूट रहीं,सब अस्त्वयस्त हो रहा हर तरफ़ तूफ़ान पर फैला रहामंज़र बर्बादी का ला रहा,पक्षियों को उड़ना कहाँ पता नहींपशुओं को छुपना कहाँ पता नहीं,कुछ ऐसे भी हैं जीव यहाँ जिन्हें जाना कहाँ पता नहीं।प्रारभद से बँधे सब चल रहे तूफ़ान से लड़ते हुए बढ़ रहे,क़िस्मत क्या लायी है सामनेबस तूफ़ान … Continue reading तूफ़ान आया है