हे पिता

हे पिता!  तुम्हारी सीख का घ्यान धर विचरता हूँ, तुम ही गुरू होतुम्हारी छवी का अनुसरण करते हूँ,  तुम ही गुरू होदृष्टी रहती सदैव हम पर, उंगली पकड़े तुम्हारी खड़े हैं हमहमारी संस्कृति और सभ्यता तुमसे है, तुम ही गुरू हो। हे पिता! तुम्हे प्रणाम कर अग्रसर होता हूँ, तुम ही गुरू होकर्म कर तुम्हारी … Continue reading हे पिता

माहौल में बस यूँ ही जिए जाते हैं लोग

इस माहौल में बस यूँ ही जिए जाते हैं लोग आपस में लड़ते फिर भी ईद साथ में मनाते हैं लोग, दिखाई देते जो नये चहेरे  यहां,  उन्हें गले लगा लिया करते हैं सब मुखौटे उतर जाते यहां जब साथ साथ खीर खाते हैं लोग, जो मिला करते थे रोज चौराहों पर, आम बात थीआज … Continue reading माहौल में बस यूँ ही जिए जाते हैं लोग

जिंदगी के लम्हे

जिंदगी के लम्हों को संजोये रहना चाहिए, कुछ इच्छाओं को दबाए रहना चाहिए, रहतीं हैं बहुत सी तमन्नाए यूँ तो दिल में उन पर हमें सदा ही काबू रहना चाहिए। बिछड़ जाते हैं लोग जब जज्बात होते हैं हावी, मिलता नहीं सुकून अकेले खडे़ भले ही राजा भावी, समझो इस सत्य को सम्बन्ध हैं सबसे … Continue reading जिंदगी के लम्हे