Month: July 2016

हे पिता

हे पिता! तुम्हारी सीख का घ्यान धर विचरता हूँ, तुम्हारी छवी का अनुसरण करता हूँ, दृष्टी रहती सदैव हम पर, उंगली पकड़े तुम्हारी खड़े हैं हम हमारी संस्कृति और सभ्यता तुमसे है, […]

माहौल में बस यूँ ही जिए जाते हैं लोग

इस माहौल में बस यूँ ही जिए जाते हैं लोग आपस में लड़ते फिर भी ईद साथ में मनाते हैं लोग, दिखाई देते जो नये चहेरे  यहां, उन्हें गले लगा लिया करते […]

जिंदगी के लम्हे

जिंदगी के लम्हों को संजोये रहना चाहिए, कुछ इच्छाओं को दबाए रहना चाहिए, रहतीं हैं बहुत सी तमन्नाए यूँ तो दिल में उन पर हमें सदा ही काबू रहना चाहिए। बिछड़ जाते […]