Day: August 29, 2016

कहानी

तुम फूल हो पिता के गुलशन की, तुम्हे माँग कर लाया था तुम धड़कन हो भाईयों की, तुम्हे गठबंधन कर पाया था। आईं तुम मेरी दुनिया में, मरुस्थल का मै निवासी था […]