राम राम 

।। राम राम।। ॐ नमः हनुमंतेय भय भंजनाय सुुखं कूरू फट स्वाहा।।      * "नाम" राम को कल्पतरू , कलि कल्याण  निवास ।        जो सुमिरत भये भाग्य ते ,   तुलसी  तुलसी  दास ।।     * भय नाशन दुमॅति हरण , कलि में  राम को  "नाम " ।       "तुलसी" … Continue reading राम राम