Month: July 2017

वक्त गुजरता है देर नहीं लगती

बदल जाता है समा, और वक्त गुजरते भी देर नहीं लगती कभी मुस्कराये थे तुम किसी पर,  जहाँ तुम पर हंसे, इसमे देर नहीं लगती।  …. यहाँ नूर बरसते हैं उसके बन्दों […]

कौन

मैं रूठा ,तुम भी रूठ गए फिर मनाएगा कौन ? आज दरार है , कल खाई होगी फिर भरेगा कौन ? मैं चुप , तुम भी चुप इस चुप्पी को फिर तोडे़गा कौन ? छोटी बात को […]

ख्वाब 

अश्कों के बहने से जो सैलाब आया था उनमें हमने उस खुदा को पाया था।  ____ रहनुमा बन्ने वाले बहुत मिले हमे गुमराह करना उनकी फितरत पाया था।  ___ जूझते सब्र रखे […]