वक्त गुजरता है देर नहीं लगती

बदल जाता है समा, और वक्त गुजरते भी देर नहीं लगती कभी मुस्कराये थे तुम किसी पर,  जहाँ तुम पर हंसे, इसमे देर नहीं लगती।  …. यहाँ नूर बरसते हैं उसके बन्दों पर खुदा की कायनात है ये, जगह मिलने में देर नहीं लगती।   मिट्टी में मिलकर भी मदद करते रहे गैरों की खुदा […]

कौन

मैं रूठा ,तुम भी रूठ गए फिर मनाएगा कौन ? आज दरार है , कल खाई होगी फिर भरेगा कौन ? मैं चुप , तुम भी चुप इस चुप्पी को फिर तोडे़गा कौन ? छोटी बात को लगा लोगे दिल से , तो रिश्ता फिर निभाएगा कौन ? दुखी मैं भी और  तुम भी बिछड़कर , सोचो हाथ फिर बढ़ाएगा कौन ? […]