Month: November 2017

दो विपरीत दल 

आज देखा वो मंजर दिल बाग बाग हो उठा बैठे हैं साथ मिल कर, ये देख हर्षोल्लास हो उठा,  उठा लिया करते थे तरकश जो शक्ल ओ सूरत देखकर संग मे करते […]