एक मुलाकात

एक मुलाकात हर रोज़ अपने आप से होती है कुछ पुरानी कुछ नयी बात सी होती है, हवाओं के रुख जो बदल जाया करते हैं यूँही, आँखें भरी हुईं सी और हर जज्बात में एक बात होती है, तकलउफ़ किया करते थे जो उनकी हर बात में तारीफ होती है, पावों के छाले अब भर […]

परिभाषा

बेचैनी व चैन की परिभाषा भूल बैठे सभी दृश्य एक दूसरे में घुले-मिले बैठे होली के रंगों में रंगे थी कमीज जैसे हर रंग यहीं शुरु यहीं खत्म हो जैसे रंगो की थैली न खुल जाए कहीं जिंदगी के हर रंग को ऐसे संजोकर हम हैं बैठे। एक ही शब्द की समझ अलग अलग है […]