Month: June 2018

बच्चे

असमनजस से अचानक जूझती जिंदगी, बदलते वक्त और जज्बातों को बूझती जिंदगी, आगे उम्र से अपनी भागती ये जिंदगी, क्या समझाएं माँ बाप दूसरी तरफ झांकती उनकी जिंदगी, कच्ची उम्र में बेफिक्री […]

पिता का श्रण

हम हैं जहाँ में, किया परिश्रम आपने माँ की इच्छाओं का सत्कार शीलता का परिचय दिया आपने। थे कुछ शैतान हम दिया स्वत्व तब आपने हम शिक्षित हैं आज ऐसा अयोजन किया […]

फटेहाल है मित्र

जूते घिसे छेद वाली शर्ट पहने फटेहाल मेरा मित्र बस केशव के गुण गाए, गृह अशांत पर पत्नी शांत उसकी इसी आनन्द मे मुस्कुराहट मुख पर आए, रास्ता कहीं दिखता भी है […]