Poetry

बच्चे

असमनजस से

अचानक जूझती जिंदगी,

बदलते वक्त और

जज्बातों को बूझती जिंदगी,

आगे उम्र से अपनी

भागती ये जिंदगी,

क्या समझाएं माँ बाप

दूसरी तरफ झांकती उनकी जिंदगी,

कच्ची उम्र में बेफिक्री छोड

Emotional होती ये उनकी जिंदगी,

Media – social media के असर

उन जज्बातों से बनी ये उनकी जिंदगी,

माँ बाप को छोड़ बाकी समझदार

मानती है ये उनकी जिंदगी,

नन्हे हाथों पर कैसे पकड़ बनाये रखें

ये सोचती माँ बाप की जिंदगी,

Track per तो रखेंगे

बडों की कोशिशों और विश्वाश की जिंदगी,

मुश्किल होता दिख रहा समझाना

But लड़ते डांटते चलती जिंदगी,

लड़ भी नहीं सकते, डांटना तो दूर

खबरें बच्चों के गलत decisions की

उनसे डरती है ये माँ बाप की जिंदगी,

मेरा बच्चा सबसे अच्छा

उनके over confidence की जिंदगी,

No doubt है वो बच्चा सबसे अच्छा

but उसकी exploit होती सोच

और उसकी immaturity की ये जिंदगी,

संभाल पहले alarm पर

खुद को अए माँ और पिता

नाजुक है इनकी सोच..

ना होने देना दूर इनकी जिंदगी।

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