#सपा_चरित्र

​Excellent composition (not mine)  दोहा- राजनीति में बढ़ गया,चाचा का उत्पात। कहा भतीजा परख लो, खुद अपनी औकात।। चौपाई- तब अखिलेश पिता पहिं आवा। उथल-पुथल की बात बतावा।। कहे मुलायम कोमल बानी। देखहु सुत अब दावँ पुरानी।। कुछ दिन अवधि दूर रह थोरी। जबतक करूँ व्यवस्था तोरी।। अलग-विलग कर नाटक कीन्हाँ। शक्ति-परीक्षण अवसर दीन्हाँ।। अधिक … Continue reading #सपा_चरित्र

बुद्धि 

बुद्धिमान बुद्धिमता के अन्तर को न समझ अग्रसर हुए हैं अपनी बातों से प्रभावित कर कंधों पर अग्रसर हुए हैं।  संभाल लेना अस्तित्व को अपने कोई गलत काम नहीं  गड्ढे खोद  दूसरों के लिए सिर ताने अग्रसर हुए हैं।  चंदन घिस घिस जो खडे़ मनन कर रहे हैं पीताम्बर धारी रक्षा उनकी स्वयं कर रहे … Continue reading बुद्धि 

भवसागर तर जाना

जननी मेरी तुम सर्व प्रथम पूज्यनीय हो मेरे लिए नित्य चरण वन्दन करना तेरा नियम हो मेरे लिए।  जीवन यहां यापन हो रहा, कर्म कारण बोध सब है मुझको तुम्हारे समाचार मिलना अन्तर मन की आवाज हो मेरे लिए।  अकेले ना समझना वहाँ खुद को, दुख तुम्हारे हैं ज्ञात तेरे पुत्रों को कल आ मेरे पास … Continue reading भवसागर तर जाना

मिसाले-ए-यार

मुकम्मल कोशिशें जारी रखते हैं जो उन्हे फैज कहा करते हैं किस्मत साथ दे कोशिशें देख जिनकी उन्हे मेरा यार कहा करते हैं।  साथ चले हैं खड़े  सहारा बने एक दूसरे का हम दोनो नजारे ये दोस्ती के देख लोग बखूबी जला करते हैं।  अभी तो सफर का पहला पड़ाव भी नहीं आया जिंदगी में … Continue reading मिसाले-ए-यार

आदत

दिमाग दौड़ाने की आदत से मजबूर आवाम है यहाँ  सिर्फ फायदा उठा लेने की आदत है यहाँ।  सभी कर्मो का हिसाब होता इसी जग में कर्मो का फल मिले तो रोने की आदत है यहाँ।  भूलकर आपबीती सब मुस्कुरा दिया करते हैं ख्वाबों में रहकर जीने की आदत है यहाँ।  कुछ लम्हे जो बचा लिया … Continue reading आदत

।।। ॐ बृँ बृहसपतये नमः।।। 

तुम्हारे इन्तजार मे बस तुम्हे याद करते हैं आएगा समय जब मिलेंगें, तुम्ही से ये बात करते हैं करूगां चरणों को स्पर्श तुम्हारे, क्या क्षण होगा वो तुम्हारे व्रत हर बृहस्पति वार को रख कर यही इन्तजार करते हैं।  ।।। ॐ बृँ बृहसपतये नमः।।। 

मेरी माँ मैं तुम्हें बहुत प्यार करता हूँ

सुबह सवेरे उठते ही  सारा जग राम राम करे में उठते ही  तुम्हें प्रणाम करता हूँ , ध्यान धर तुम्हारा हर काम आरम्भ करता हूँ , सभी कुछ अच्छा हो जाता  जब तुम्हारा ध्यान  करता हूँ, रुके काम भी पूरे होते  ग्रह चलते अपनी चाल  तुम बैठी होगी पूजा करती  यह मैं जान लेता हूँ, मेरी माँ  … Continue reading मेरी माँ मैं तुम्हें बहुत प्यार करता हूँ

   ।। ॐ  नमो भगवते वासूदेवाय।। 

ज्ञान चक्षु खुल रहे निरन्तर  घ्यान धर अग्रसर मै निरनतर कष्ट हुए जो मिथ्या थे बाण सा खींच रहे तुम मुझे परस्पर।  तुम धारक तुम ही आभार हो मेरा कभी गांडीव हूँ कभी साँई सा अस्तित्व है मेरा तुमने मुझे अर्जुन सा प्यार दिया है मेरे सारथी बन,  बने हो स्वयं सानिध्य मेरा।  कृपा अपार … Continue reading    ।। ॐ  नमो भगवते वासूदेवाय।। 

Gyan – Chakras and colors sequence VIBGYOR – Nature defines everything in symetry

  The chakras are beyond the physical body or the sthula sharira. They are part of the linga sharira. The energy field or emf encompasing the body. The linga sharira is a consequence of our absorption of light energy . We are nothing but energy. Some of it light energy ! Without the sun rays … Continue reading Gyan – Chakras and colors sequence VIBGYOR – Nature defines everything in symetry

राम राम 

।। राम राम।। ॐ नमः हनुमंतेय भय भंजनाय सुुखं कूरू फट स्वाहा।।      * "नाम" राम को कल्पतरू , कलि कल्याण  निवास ।        जो सुमिरत भये भाग्य ते ,   तुलसी  तुलसी  दास ।।     * भय नाशन दुमॅति हरण , कलि में  राम को  "नाम " ।       "तुलसी" … Continue reading राम राम