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Polastya

जिक्र उस ख्वाब का

जिक्र उस ख्वाब का करें कैसे,   जज्बात निकल आएंगे  पिघलती हुई शमा के मोम को छुआ तो  हाथ जल जाएंगे  तुम बेफिक्र रहो परवाना न बनो,  पंख जल जाऐंगे जिन्दा रहना […]

कई लम्हे इस तरह

समय लाया है कई लम्हे इस तरह सांसे कभी जाती  कभी आतीं  जिस तरह,  ये कशमकश जिदंगी से पहचान बनाती ऐसे  हो रहा प्रारम्भ  मनचाही उडान का इस तरह,  ले हाथों में […]

हरे हरे साँई हरे हरे

श्री हरे मुरारी कृष्ण हरे श्री राम सदाचारी हरे हरे राधे बलिहारी कृष्ण हरे सिया जी के प्रियवर हरे हरे।  तुम पर बलिहारी कृष्ण हरे देखो राम की सवारी हरे हरे राधा […]

बुद्धि 

बुद्धिमान बुद्धिमता के अन्तर को न समझ अग्रसर हुए हैं अपनी बातों से प्रभावित कर कंधों पर अग्रसर हुए हैं। संभाल लेना अस्तित्व को अपने कोई गलत काम नहीं गड्ढे खोद दूसरों […]

भवसागर तर जाना

जननी मेरी तुम सर्व प्रथम पूज्यनीय हो मेरे लिए नित्य चरण वन्दन करना तेरा नियम हो मेरे लिए। जीवन यहां यापन हो रहा, कर्म कारण बोध सब है मुझको तुम्हारे समाचार मिलना […]

मिसाले-ए-यार

मुकम्मल कोशिशें जारी रखते हैं जो उन्हे फैज कहा करते हैं किस्मत साथ दे कोशिशें देख जिनकी उन्हे मेरा यार कहा करते हैं।  साथ चले हैं खड़े  सहारा बने एक दूसरे का […]

आदत

दिमाग दौड़ाने की आदत से मजबूर आवाम है यहाँ सिर्फ फायदा उठा लेने की आदत है यहाँ। सभी कर्मो का हिसाब होता इसी जग में कर्मो का फल मिले तो रोने की […]