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Polastya

 तू रख चित्त शांत और हावभाव में प्यार

चक्रवात सा आया रहता सब धुमिल सा हुआ रहता ठूंठता सहारा जो नजर नहीं आता था बस हाथ प्रभू का पकडे़ रहता। —- सन्दर्भों में बीते साल पीड़ा में था तुम्हारा लाल […]

पिता श्री – आपका आगमन 

अंग्रेजों के बनाये कुछ त्योहार भी अच्छे होते हैं रिश्तों में पिरोए हुए त्योहार अच्छे होते हैं  आज father’s day पर आपका आगमन मेरे यहाँ  ऎसे आशिर्वाद के सूचक भी बहुत अच्छे […]

चुन चुन कर

सुन्दर पंकतियों मे पिरोए अहसास लाया हूँ इस जिंदगी मे सुलझे अनुभव लाया हूँ कुछ खट्टी कुछ मीठी सी होती है जिदंगी यूं तो चुन चुन कर तेरे लिए ये अल्फाज़ लाया […]

रुखसत 

जानेवाले इस कदर  खुदगर्ज हैं होते,  अपनी बातों से  दिल में बीज हैं बोते।  कुछ खास तो  बयां नहीं करना मुझको पर जिन्हे छोड़ हम रुखसत हो रहे,  कुछ उदास और कुछ […]

माता पिता की वन्दना 

हे माँ, तुम्हारे चरण स्पर्श, परम पूज्य तुम महालक्ष्मी हो,  हे पिता, तुम्हारे चरण स्पर्श, परम पूज्य तुम नारायण हो।  आशिर्वाद लिये चल रहा मै, नितदिन अब पूजा है,  तुम्हारे प्यार एवं […]

बेमौसम बरसात

गर्मी का मौसम है  या बरसात में नाचेगा मोर,  सर्दी का मौसम है  या पतझड़ की होगी भोर,  रेत सा निकल समय  सांझ के पहर में अटक रहा,   स्वयं को देखता तो […]

खुशियाँ बाँटती जिंदगी 

जज्बातों में उलझी जिंदगी ख्वाबों में लिपटी जिंदगी कुछ हंसना कुछ हंसाना लम्हा लम्हा चलती जिंदगी।  यूं तो रोते भी हैं लोग मुस्कुराने के बहाने ढूंढते लोग कभी बहुत सताती भी है […]