Category: Poetry

हवाले थे

कुछ मामले कुछ मसाले थे कुछ हमारे कुछ उसके हवाले थे।  ..  हम चले थे अकेले ही अफसानो  की तलाश में खुशियाँ बाँटती जिंदगी ने किए नजराने हवाले थे।  …  वो बैठे […]

खाली हाथ

हाथ खाली हैं तेरे शहर से जाते जाते  जान होती तो मेरी जान लुटाते जाते  …  अब तो हर हाथ का पत्थर हमें पहचानता है  उम्र गुज़री है तेरे शहर में आते-जाते  […]

इंतेखाब

स्वप्न झरे फूल से, मीत चुभे शूल से, लुट गए सिंगार सभी बाग के बबूल से, और हम खड़े-खड़े बहार देखते रहे। कारवाँ गुज़र गया, गुबार देखते रहे! नींद भी खुली न […]

पांच कर्मो में फंसा

राम नाम की धुन से हो गयो उद्धार चरण वन्दना कर तर गयो, दूर भयो अन्धकार। काम मलत्याग गमन वाच एवम् व्यापार  पांच कर्मो में फंसा,  मै भटक रहा निराधार।  निराकार का […]

सवेरा

भई भोर सवेरा जाग उठा तू त्याग निद्रा को जाग उठा अब बारी योग करने की कुछ ध्यान कुछ कसरत करने की जब अस्तित्व निर्मल होता है तब सवेरा अच्छा होता है।  […]

अटल जी की दीवाली 

कविता अटलजी की है , अतिशय सुंदर ….. …….  जब मन में हो मौज बहारों की चमकाएँ चमक सितारों की, जब ख़ुशियों के शुभ घेरे हों तन्हाई  में  भी  मेले  हों, आनंद […]

तारनहार

नारायण के नाम ले, जुग जुग भयो संसार जप तप सब व्यर्थ गया, यूँही दूर भयो अंधकार। राम राम करत नाही, दुख के विवरण देत अन्भयास ओंकार की चाल पर, पंच तत्व […]