Category: Shayari

पहलू में

वक्त गुजरता है, लम्हे चले जाते कशमकश के पहलू में शाम हो जाती है, मंजर चले जाते उदासी के पहलू में। बैठे ताक रहे थे खिड़की से बाहर अंधेरों को चांदनी नजर […]

महफ़िल-ए-जाँबाज़ को देख मुस्कुरा कर चल दिए

Dedicated  to all soldiers महफ़िल-ए-जाँबाज़ को देख मुस्कुरा कर चल दिए, वो बैठे थे नूर-ए-जंग की कामयाबी की मिसाल दिए। उस जाँबाज़ के अपनो के आँसुओं को देख रो पड़े छाती उनकी […]

वक़्त करवट बदलता है आवाज़ नहीं होती

वक़्त करवट बदलता है आवाज़ नहीं होती, वो आग़ाज़ करता है तो आवाज़ नहीं होती । हम झेलते हुए मार वक़्त की ताक़त को देखते हैं वक़्त जब ना हो साथ ज़ोर-ए-परवाज़ […]

कुछ जान-ए-जिगर साथ है

कुछ जान-ए-जिगर साथ है, कुछ नए जज़्बात साथ है। मेरे हमनवाज हमसफ़र साथ हैं, मुस्कुराहटों में निकल रहे लम्हे साथ हैं। इन लमहों में सिमटे कुछ लम्हे साथ हैं, बंद आँखों में निकले नमकीन […]

वक़्त से रुसवा हो ऐसे चले थे कि बेपरवाह हो गए

वक़्त से रुसवा हो ऐसे चले थे कि बेपरवाह हो गए , उसने जाने अनजाने याद रखा और ख़ैरखवाह हो गए। बेरुख़ी समझी हमने परवरदेगार की सन्यासी हो गए, खरखवाहों में रह कर […]

बेख़बर इंसान से ये पूछो की कैसे

बेख़बर इंसान से ये पूछो की कैसे करे इतना अभिमान चढ़ेगा सूली पर कैसे । उसने इसे बनाया क्या सोच कर बनेगा मेरा प्रतिबिंब चढ़ेगा सूली पर कैसे। दशों दिशाओं का ज्ञानी […]

इन बेपरवाह मौसमों को ऐसे करें रुसवा

बेपरवाह मौसमों को  रुसवा  हम कर निकले शमा जैसे  पूरे मैखाने को  रोशन कर निकले । आते है मौसम  अलग अलग इंतज़ाम लिए  हर मय  जैसे तासीर अपनी  अलग कर निकले। बैठे […]