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क्यों चल रहा तू करता संग्राम सा

किल्लतों में जीता मरता जरूरतों की झोली भरता कहीं मुस्कराना या फिर कहीं छुपाना यही है तेरा एक अंदाज सा क्यों चल रहा तू करता संग्राम सा।  —— अग्रसर है दुनिया की […]