माँ तू कहाँ खो गयी

माँ तू कहाँ खो गयी मेरी आँख कल नम हों गयी  जूझता समय से मै अधमरा हुआ हूँ  जिन्दगी समय के तूफान में खो गयी।  —- मै निकला उस डगर जो दिखाई थी तूने कर्तव्य पालन ये सीख ही सिखाई थी तूने अब लौट किस डगर से आँउं ऐ माँ छोड़ दूँ मझदार में, ऐसी […]

तुझे पाना

मेरी आशिकी तेरे लिए तेरी रैहमत मेरे लिए, तुझे पाना और अपना बनाना, जग छूट जाए चाहे दुनिया रूठ जाए, तुझे पाना और अपना बनाना, सन्यास लूंँ चाहे जग छोडूँ चाहे, तुझे पाना और अपना बनाना, तू ही है रहीम और राम और तू ही है जीसस और श्याम, तुझे पाना और अपना बनाना, तुझे […]

दो विपरीत दल 

आज देखा वो मंजर दिल बाग बाग हो उठा बैठे हैं साथ मिल कर, ये देख हर्षोल्लास हो उठा,  उठा लिया करते थे तरकश जो शक्ल ओ सूरत देखकर संग मे करते हैं बातें आज,  एक दूसरे से हाथ मिला कर,  आज भी जज्बातों में तीर तो थे मजाक में निशाने पर बैठे तो सही, […]

क्यों चल रहा तू करता संग्राम सा

किल्लतों में जीता मरता जरूरतों की झोली भरता कहीं मुस्कराना या फिर कहीं छुपाना यही है तेरा एक अंदाज सा क्यों चल रहा तू करता संग्राम सा।  —— अग्रसर है दुनिया की भीड़ में दिखता नहीं है पर पीड़ में छुपाए आँसुओं की झील सी आते हैं ये पल,  लिए नया अंदाज सा क्यों चल […]