मुस्कुराते हुए 

मुस्कुराते हुए जिंदगी मेरी यूंही बीत गई तेरे साथ चलते हुए जिंदगी जीत गई कुछ बारिश सी हुई तो थी राह में तेरे साथ आते ही,  जिंदगी गीत गाती चली गई।  छाई थी बदरी  जहाँ वहांँ डगर पनघट की थी चले आए हम वहाँ  तू खड़ी गागर भर रही थी गागर की किस्मत देख हमें … Continue reading मुस्कुराते हुए 

धैर्य धर 

धैर्य धर चल उज्ज्वल पथ पर धैर्य धर मुस्कुरा वर्तमान में रह कर वो खड़ा समीप सब देख रहा है धैर्य धर हो रही वर्षा हर पथ पर। हो खड़ा ले रहा गांडीव चढ रथ पर आगे है सगं तेरे वो सारथी बन कर विजय अब निश्चित है, अडिग हो लड़ उठा ले चढा प्रतंचया … Continue reading धैर्य धर 

कहानी

तुम फूल हो पिता के गुलशन की,  तुम्हे माँग कर लाया था तुम धड़कन हो भाईयों की, तुम्हे गठबंधन कर पाया था। आईं तुम मेरी दुनिया में, मरुस्थल का मै निवासी था घबराईं तुम देख मरुस्थल , मै भी लड़खड़ाया था। लड़े हम खुद से, कभी अपनो से किया घमासान फिर आई एक नन्ही परी, … Continue reading कहानी

पहलू में

वक्त गुजरता है, लम्हे चले जाते कशमकश के पहलू मेंशाम हो जाती है, मंजर चले जाते उदासी के पहलू में। बैठे ताक रहे थे खिड़की से बाहर अंधेरों कोचांदनी नजर आयी दूर वादियों के पहलू में। कुछ मुस्कुराहट सी आयी लबों पर हमारे जैसे एक आग समाई हो सैलाब के पहलू में। खिंचाव वो सीने … Continue reading पहलू में

कन्हैया

राधा जी के संग खड़े बन्सी बजाते हो भजता मै तुम्हे तो मुझे देख मुस्कुराते होभक्तों के मित्र हो तुम कन्हैया सदा ही बुलाने पर दौड़ कर आते हो। मित्रों के लिए तुम पहाड़ उठाते होकभी उन्हे बरबरीक सी मुक्ती दे जाते होभक्तों के मित्र हो तुम कन्हैया उनके लिए खुद रणछोड़ कहलाते हो। बुलाने … Continue reading कन्हैया

चतुर्भुज

हे राम तुम सुन्दर होहे श्याम तुम सुन्दर होचतुर्भुज रुप मे खड़े तुम सुन्दर नारायण हो। ढूंढता हूँ खोजता हूँ सोचता हूँ देखता हूँ ना मन्दिर ना घरआँखें बन्द कर पा लेता हूँ। अद्भुत तुम प्रत्यक्ष होकमल लिए कमलनयन होछवी अनूठी देख हर्षित हूँ गदा चक्र लिए सर्वशक्तिमान हो। फंसा मै माया मे खड़ा हुआॐ … Continue reading चतुर्भुज

हे पिता

हे पिता!  तुम्हारी सीख का घ्यान धर विचरता हूँ, तुम ही गुरू होतुम्हारी छवी का अनुसरण करते हूँ,  तुम ही गुरू होदृष्टी रहती सदैव हम पर, उंगली पकड़े तुम्हारी खड़े हैं हमहमारी संस्कृति और सभ्यता तुमसे है, तुम ही गुरू हो। हे पिता! तुम्हे प्रणाम कर अग्रसर होता हूँ, तुम ही गुरू होकर्म कर तुम्हारी … Continue reading हे पिता

माहौल में बस यूँ ही जिए जाते हैं लोग

इस माहौल में बस यूँ ही जिए जाते हैं लोग आपस में लड़ते फिर भी ईद साथ में मनाते हैं लोग, दिखाई देते जो नये चहेरे  यहां,  उन्हें गले लगा लिया करते हैं सब मुखौटे उतर जाते यहां जब साथ साथ खीर खाते हैं लोग, जो मिला करते थे रोज चौराहों पर, आम बात थीआज … Continue reading माहौल में बस यूँ ही जिए जाते हैं लोग

जिंदगी के लम्हे

जिंदगी के लम्हों को संजोये रहना चाहिए, कुछ इच्छाओं को दबाए रहना चाहिए, रहतीं हैं बहुत सी तमन्नाए यूँ तो दिल में उन पर हमें सदा ही काबू रहना चाहिए। बिछड़ जाते हैं लोग जब जज्बात होते हैं हावी, मिलता नहीं सुकून अकेले खडे़ भले ही राजा भावी, समझो इस सत्य को सम्बन्ध हैं सबसे … Continue reading जिंदगी के लम्हे

Anniversary wish for my dad & ma

आप दोनो कुछ ऐसे हैं पूरब - पश्चिम जैसे हैं, कभी एक ठण्डा तो दूजा गर्म एक दूजे के बिना न स्थान हैं। निकल गये पचासों वर्ष एक साथ  यूहीं कभी लड़ते कभी खड़े दोनो साथ यूहीं प्रभू के खेल निराले हैं, आप एक ही नदिया के दो किनारे हैं चलना है साथ सबब आपका … Continue reading Anniversary wish for my dad & ma