भाईयों के लिए संदेश

जिंदगी उनकी है भली जहां ये नाजों से है पली, गंगा सी निर्मल मधू सी मीठी नहीं हैं बहने जहां वह घर जैसे बिना आग अंगीठी।। ******** सर्वस्व न्योछावर उन पर जिनकी ये प्यारी बहने, सारे परिवार की दुलारी फीके हैं सभी गहने।। ********* लड़ती कभी ये रूठती हैं कभी मां बाप से तुम्हारे लिए […]

स्वातंत्र्य गौरव के अनमोल पल

राष्ट्रकवि दिनकर की अमर पंक्तियों के माध्यम से हमें स्वातंत्र्य गौरव के अनमोल पल देने वालों को नमन- जला अस्थियां बारी-बारी चिटकाई जिनमें चिंगारी, जो चढ़ गए पुण्यवेदी पर लिए बिना गर्दन का मोल। कलम, आज उनकी जय बोल जो अगणित लघु दीप हमारे तूफानों में एक किनारे, जल-जलाकर बुझ गए किसी दिन मांगा नहीं […]

मेरी परी

सम्मोहित करता स्वरूप तुमहारा हुआ रोम रोम पुलकित हमारा, मृगनयनी सी अंखियां तुम्हारी पलकें जैसे पंखुड़ियाँ तुम्हारी, देख तुम्हे मोहित हुआ हूँ तुम्हे पाकर मैं सुशोभित हुआ हूँ।। ********* बातें तुम्हारी हैं रस घोलती सुनो मेरी बात बस यूं हो बोलती, नखरे तुम्हे आते नहीं बनाने चली आती हो यूंही मुस्कुराहट दिखाने, तुम्हें सुनकर कमाल […]

कुछ लफ्ज़ बोलते

कुछ लफ्ज़ बोलते कुछ हम डोलते कुछ पैमाना छलकाते कुछ तुम मुस्कुराते जिंदगी यूँही हमे झूलाती दिलदारी में तुम पार्टी दे डालती ।। ********* कुछ दोस्त हंसते कुछ हमे हंसाते 2 2 पैग पीने खाते कसमें साथ जीने उसमें भी तुम शरीक हो आती कहती मेरे बिना कैसे और मुस्कुराती ।। ******** तुम्हारे बिना जीना […]

और उसमें डूबे तुम•••

श्याम की बजी बंसी भक्तिमय हुए तुम राधा सा जगा प्रेम और उसमें डूबे तुम••• ********* कलयुग का पंथ दुनियादारी में तुम पुण्य का संग और उसमें डूबे तुम••• ********* कुछ मीठी कुछ खट्टी भावनाएं व्यक्त करते तुम जिंदगी की भट्टी और उसमें डूबे तुम••• ********* पार उतरती नईया भवसागर में तुम नारायणी है मईया […]

आधुनिकता

आधुनिक *मिट्टी के बर्तनों से स्टील और प्लास्टिक के बर्तनों तक* *और फिर कैंसर के खौफ से दोबारा मिट्टी के बर्तनों तक आ जाना,* *अंगूठाछाप से दस्तखतों (Signatures) पर* *और फिर अंगूठाछाप (Thumb Scanning) पर आ जाना,* *फटे हुए सादा कपड़ों से साफ सुथरे और प्रेस किए कपड़ों पर* *और फिर फैशन के नाम पर […]