एक मुलाकात

एक मुलाकात हर रोज़ अपने आप से होती है कुछ पुरानी कुछ नयी बात सी होती है, हवाओं के रुख जो बदल जाया करते हैं यूँही, आँखें भरी हुईं सी और हर […]

परिभाषा

बेचैनी व चैन की परिभाषा भूल बैठे सभी दृश्य एक दूसरे में घुले-मिले बैठे होली के रंगों में रंगे थी कमीज जैसे हर रंग यहीं शुरु यहीं खत्म हो जैसे रंगो की […]

माँ

माँ.. Sent me a photo message My response was हृदय वहीँ चरणों में है तुम्हारे कर्तव्य पालन करने पड़े हैं सारे तुमने जो कार्य दिया करने को उसे करते हुए अभी हम […]

पिता – पुत्र

मेरे पिता का संदेश आओ किसी का यूँही इंतजार करते हैं चाय बनाकर फिर कोई बात करते हैं। उम्र साठ के पार हो गई हमारी बुढ़ापे का इस्तक़बाल करते है। कौन आएगा […]

खिचड़ी का आविष्कार

खिचड़ी का आविष्कार कई वर्षों पहले एक बार, दिन का नाम था रविवार। पति-पत्नी की एक जोड़ी थी, नोंकझोंक जिनमें थोड़ी थी। अधिक था उनमें प्यार, मीठी बातों का अम्बार। सुबह पतिदेव […]

हवाले थे

कुछ मामले कुछ मसाले थे कुछ हमारे कुछ उसके हवाले थे।  ..  हम चले थे अकेले ही अफसानो  की तलाश में खुशियाँ बाँटती जिंदगी ने किए नजराने हवाले थे।  …  वो बैठे […]

खाली हाथ

हाथ खाली हैं तेरे शहर से जाते जाते  जान होती तो मेरी जान लुटाते जाते  …  अब तो हर हाथ का पत्थर हमें पहचानता है  उम्र गुज़री है तेरे शहर में आते-जाते  […]